Thursday, April 3, 2025

2-80 चंदन मिट्टी उदयपुर सरगुजा

श्री राम लक्ष्मण ने सरगुजा में उदयपुर के पास मिट्टी से अपनी जटाएं ठीक की थीं। यहाँ प्राचीन राम मंदिर तथा सीता गुफा है। कठिन चढ़ाई के बाद एक गुफा से बहुत चिकनी हरे रंग की मिट्टी निकलती है। यही चन्दन मिट्टी कही जाती है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि […]

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2-81 शिव मंदिर बगीचा

यहां सीता माँ ने वनवासियों को शीत ज्वर से बचाने के लिए तुलसी के पौधे लगाये थे। तब तुलसी का बगीचा लग गया और यह क्षेत्र बगीचा के नाम से प्रसिद्ध हो गया। बगीचा के पास पहाड़ी की तलहटी पर एक नाले के पास भगवान शिव का एक छोटा सा मंदिर है। श्री राम ने […]

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2 – 82 लेखा पत्थर रेंगले

लेखा पत्थर रंेगले बगीचा से 10 कि.मी. पूर्व दिशा में श्री सीताराम जी ने रात्रि विश्राम किया था। ऊँची चट्टानों पर चित्रलिपि तथा उनके चित्र बनंे हैं। यहाँ श्रीराम, लक्ष्मण, सीता जी तथा भगवान शिव की अनगढ़ी मूर्तियों की पूजा वनवासी करते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से […]

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2 83 लक्षमण पंजा रिंगारघाट

कुनकुरी से 18 कि.मी. दूर रिंगार घाट गाँव के पास, बगीचा-जसपुर मार्ग के निकट लक्ष्मण जी ने वराह रूप में विचर रहे राक्षस का संहार किया था। यहां लक्षमण जी के पांवों के निशान पत्थर पर बने हैं जिनकी पूजा की जाती है । श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम […]

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2 -84 शिव मंदिर फतेहपुर

श्रीराम जहां भी रात्रि विश्राम करते थे वहां शिव पूजन अवश्य होता था। बगीचा से रामरेखा धाम जाते समय श्रीराम ने यहां भी शिवलिंग की स्थापना की थी। आज भी यहां 10 वीं 11 वीं शताब्दी के मंदिर के अवशेष मिलते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे […]

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2-85 राम रेखा धाम झारखंड

छोटा नागपुर के पास सिमडेगा से 20-25 कि.मी. उत्तर पश्चिम के घने जंगलों में श्रीराम ने अपने बाण से कुछ रेखाएँ खींची थी। यहां श्रीराम मंदिर तथा सीता रसोई भी है। यह गुमला जिले में है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) […]

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2-86 श्रीराम मंदिर लक्ष्मीगुड़ी जसपुर

सीता माँ ने यहाँ वनवासी महिलाओं को बाँस की टोकरी बनाना सिखाया था। लक्ष्मीगुड़ी से राम पायन लोधमाः- जसपुर-लोधमा जसपुर-रायगढ़ रोड-48 कि.मी.

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2 -87 राम पायन लोधमा

हमारे पूर्वजों ने श्रीराम यात्रा की स्मृति में उनके चरण चिह्नों को सहेज कर रखा है। युगों-युगों के बाद भी ये चरण चिह्न हमें श्रीराम का आदर्श तथा उनके यहां पधारने की कथा की पुष्टि करते हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर […]

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2 – 88 लक्ष्मण पादुका गेरवानी

रायपुर-घरघोड़ा मार्ग पर गेरवानी गाँव के निकट जंगल में लक्ष्मण पादों की पूजा होती है। माना जाता है कि श्रीराम जानकी इधर से ही गये थे। यहाँ से 5 कि.मी. दूर बड़ गाँव में भव्य सीता मंदिर है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम […]

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2 – 89 राम झरना सिंहपुर

रायगढ़ से 21 कि.मी. दूर भूपदेवपुर स्टेशन के पास जंगल मंे राम झरना है। तीनों ने यहाँ स्नान किया था। एक चमत्कार है कि झरने का पानी किसी भी मौसम में घटता बढ़ता नहीं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः […]

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