Friday, April 4, 2025

2 -90 श्री राम टेकड़ी मंदिर रतनपुर

रतनपुर शहर में पहाड़ी पर श्रीराम ने निवास किया था। पहाड़ी पर ऊँचे मंदिर में श्रीराम के पैर के अँगूठे से गंगाजी प्रवाहित हो रही हंै। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। […]

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2-91 पैसर घाट पैसर

माना जाता है कि वनवास काल में सीताराम जी ने यहाँ से नदी पार की थी। यहाँ शिवनाथ व महानदी का पवित्र संगम है। निकट ही गाँव में पुरातत्व विभाग ने भगवान शिव का प्राचीन मंदिर खनन कर अवशेष खोजे हैं। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य […]

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2- 92 विश्राम वट गिधोरी (महानदी) रायपुर (छःगढ़)

शिबरी नारायण मंदिर से 2 कि.मी. दूर महानदी के पार एक प्राचीन वट वृक्ष को विश्राम वट कहते हैं। तीनों ने यहाँ विश्राम किया था। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी […]

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2 – 93 लक्ष्मणेश्वर मंदिर खरोद जांजगीर (छःगढ़)

शिबरी नारायण से 4 कि.मी. दूर खरोद गाँव में भगवान शिव के इस प्राचीन मंदिर की स्थापना लक्ष्मणजी ने की थी। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल […]

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2-94 शिबरी नारायण मंदिर जांजगीर (छःगढ़)

माँ शबरी शबर जाति की थी। यहाँ माँ शबरी का जन्म स्थान है। शबर परिवार नारायण भक्त था। श्रीराम इन्हीं संतों से मिलने आये थे श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी […]

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2 – 95 वाल्मीकि आश्रम तुरतुरिया

महर्षि  वाल्मीकि के अनेक आश्रम मिले हैं। यह आश्रम महासमुन्द जिले में तुरतुरिया नामक स्थान के पास है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) […]

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2 – 96 राम दिवाला सिरपुर

प्राचीन ग्रंथों में वर्णित शोणितपुर, श्रीपुर, शिवपुर नामांे की यात्रा करता हुआ अब सिरपुर के नाम से प्रसिद्ध हैं। यहाँ आठवीं सदी में बने पुरानी ईंटों के राम दिवाला तथा लक्ष्मण दिवाला हैं। श्रीराम वनवास काल में यहाँ आये थे। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि […]

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2-97 श्रीराम मंदिर गुल्लू

यहाँ नदी के किनारे-किनारे यात्रा करते हुए गुल्लू के निकट श्रीराम ने महानदी पार की थी। कभी महानदी गुल्लू से सट कर बहती थी। तभी नदी का पानी मंदिर की बावड़ी में आता था। स्मृति के रूप में बहुत प्राचीन मंदिर तथा बावड़ी आज भी यहां देखी जा सकती हंै। श्री रामचरित मानस के अनुसार […]

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2-98 बागेश्वर मंदिर आरंग

रायपुर से 49 कि.मी. पूर्व दिशा में आरंग में एक प्राचीन शिव मंदिर है। महानदी के किनारे स्थित इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम ने वनवास काल में की थी। यह मोरध्वज की राजधानी रही है। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) […]

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2-99 फिंगेश्वर नाथ मंदिर फिंगेश्वर

यहाँ श्रीराम ने शिव मंदिर की स्थापना की थी। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) दण्डक वन में थे। उनकी चर्चा जन श्रुतियों के […]

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