Saturday, April 5, 2025

2 – 100 माण्डव्य आश्रम राजीम

फिंगेश्वर मार्ग पर प्राचीन माण्डव्य आश्रम में श्रीराम ऋषि दर्शन के लिए आये थे। श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से सीधे अगस्त्य मुनि के आश्रम (अगस्त्येश्वर मंदिर) गये। अतः वहाँ तक मानस से कोई संदर्भ नहीं मिलते। गोस्वामी जी द्वारा वर्णित सकल मुनि (मा.3/9 दोहा) दण्डक वन में थे। […]

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2-101 सरगी नाला फिंगेश्वर रायपुर छत्तीसगढ़

सरगी नाला, फिंगेश्वर सरगी श्रृंगी का अपभ्रंश है। लोक मान्यता के अनुसार इस नाले में श्रीराम ने अपने हथियार धोए थे।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम जी सुतीक्षण मुनि आश्रम से […]

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2-103 कुलेश्वर नाथ मंदिर राजीम

कुलेश्वर नाथ मंदिर राजीम में ही मां सीता जी ने जनक वंश के कुल देव भगवान शिव की पूजा की थी। यह मंदिर तीन नदियों की धारा में स्थित हैं। क्षेत्र में कुलेश्वर नाथ मंदिर की बहुत मान्यता है। ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस […]

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2-104 लोमश ऋषि आश्रम राजीम

श्रीराम ने यहाँ नदियों के किनारे लम्बी यात्रा की थी तथा ऋषियों के आश्रम भी प्रायः नदियों के किनारे ही होते थे। इसी क्रम में श्रीराम यहाँ लोमश ऋषि के दर्शनार्थ आये। आज भी यहाँ लोमश जी का विशाल आश्रम है।

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2-105 रुद्रेश्वर धमतरी छगढ़

धमतरी से 5 कि.मी. दूर दक्षिण दिशा में महानदी के किनारे भगवान शिव का प्राचीन मन्दिर है। महानदी के किनारे-किनारे जाते समय श्रीराम यहीं से गये थे। ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार […]

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2-106 राम लक्षमण मंदिर विश्रामपुर

धमतरी से 15 कि.मी. दूर दक्षिण दिशा में महानदी के किनारे श्रीराम लक्ष्मण का एक निर्माणाधीन मंदिर है। श्रीराम, लक्ष्मण जी एक रात यहाँ ठहरे थे।

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2-107 श्रृंगी आश्रम सिहावा

यहाँ श्रीराम शृंगी ऋषि आश्रम में आये थे। सिहावा में एक प्राचीन मंदिर है। यहीं एक छोटे से कुण्ड से महानदी का उद्गम स्रोत है। ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम […]

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2-108 शांता मंदिर सिहावा

श्रृंगी आश्रम के निकट ही यह आश्रम एक पहाड़ की चोटी पर है। साथ वाले पहाड़ पर माँ शांता की तपस्थली है। ऋषि आश्रम से शांता मंदिर तक पहाड़ के ऊपर-ऊपर ही मार्ग है। मां शांता का अब शीतला माता के रूप में पूजन किया जाता है।

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2-109 ऋषि मण्डल नगरी (महानदी) धमतरी (छःगढ़ )

यह पूरा क्षेत्र ऋषि मण्डल रहा है। लोमश (राजीम) वाल्मीकि (तुरतुरिया) माण्डव्य (फिंगेश्वर) शृंगी (सिहावा) मुचकंुद (मैचका), शरभंग (दलदली), लोमश तथा शरभंग (डोंगरी) अंगीरा (घटुला) अगस्त्य (हर्दीभाटा/खारूगढ़) पुलस्त्य (दुधावा), कर्क/कंक (कांकेर डोगरी)

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