Thursday, April 3, 2025

2-112 अंगिरा आश्रम घटुला

अंगिरा आश्रम घटुला नगरी से 20 कि.मी. दूर दक्षिण दिशा में घटुला गांव के पास पहाड़ की चोटी पर श्रीराम अंगिरा ऋषि से मिलने आये थे। ऊपर गुफा में ऋषि का विग्रह है।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री […]

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2-113 मुचकुंद आश्रम मैचका

मुचकुंद आश्रम नगरी से 27 कि.मी. पूर्व दिशा में मेखलाकार पहाड़ी पर मैचका गाँव के पास मुचकुंद ऋषि का आश्रम है। आश्रम के पास सुन्दर तालाब तथा सीताजी एवं अन्य देवों की प्रतिमाएँ हंै। वनवासी दूर-दूर से पूजा, अर्चना व मन्नत मांगने आते हैं।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 […]

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2-114 वाल्मीकि आश्रम सीता अभ्यारण्य (चित्रोत्पला) धमतरी (छःगढ़)

वाल्मीकि आश्रम सीता अभ्यारण्य सिहावा से दक्षिण दिशा में सीता नदी को चित्रोत्पला नदी कहते हैं। यहीं वाल्मीकि ऋषि का एक प्राचीन आश्रम है। वनवास काल में श्रीराम यहाँ आये थे।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस […]

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2-115 कर्क आश्रम दुधवा धमतरी

जैसा कि पहले वर्णन आया है कि श्रीराम ने महानदी के किनारे-किनारे बहुत ही लम्बी यात्रा की थी। मार्ग की दृष्टि से यहां से श्रीराम ने महानदी पार की थी। कुछ दूर तक किनारे-किनारे चलने के पश्चात् उन्होंने महानदी का आश्रय छोड़ दिया था। माना जाता है, कि ऋषि कर्क ने श्रीराम कोे शत्रु के […]

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2-116 विष्णु मंदिर रामपुर जुनवानी

विष्णु जी मंदिर रामपुर जुनवानी कांकेर से 11 कि.मी. दूर उत्तर दिशा में महानदी के किनारे रामपुर जुनवानी में राम-लक्ष्मण मंदिर है। किन्तु भीतर भगवान विष्णु की सुन्दर चतुर्भुजी मूर्ति है। श्रीराम ने यहाँ विष्णु जी की पूजा की थी।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस […]

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2-117 गड़िया मंदिर

गड़िया मंदिर यहाँ जोगी गुफा, रामनाथ मंदिर तथा गड़िया मंदिर विशेष महत्त्व के हैं। यहाँ की जोगी गुफा में श्रीराम कंक ऋषि से मिलने आये थे।  ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता राम […]

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2-118 शिव मंदिर कांकेर भण्डारीपारा

शिव मंदिर कांकेर भण्डारीपारा में श्रीराम ने रामनाथ महादेव मंदिर की स्थापना की थी। कांकेर में कर्क ऋषि से मिलने के पश्चात् श्रीराम जी ने यहाँ शिव पूजा की थी।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के […]

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2-119 शिव मंदिर केशकाल घाटी

शिव मंदिर कांकेर से 15-20 कि.मी. आगे दुर्गम घाटी के ऊपर जंगल में बहुत विशाल शिवलिंग हैं तथा सरोवरों का निर्माण किया गया है। श्रीराम वनवास काल में यहाँ आये थे।

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2-120 राकस हाडा, नारायणपुर

इस स्थान का चित्र उपलब्ध नहीं है । हमने काफी प्रयास किया किंतु दुर्गम क्षेत्र होने के कारण हम चित्र उपलब्ध नहीं करा सकते हैं राकस हाडा, नारायणपुर श्रीराम ने यहाँ राक्षसों का भयंकर विनाश किया था। एक छोटी सी पहाड़ी पर राक्षसों की अस्थियाँ, पत्थरों के रूप में अब भी मिलती हैं। उन्हें जलाने […]

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2-121 रक्सा डोंगरी नारायणपुर

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नारायणपुर में अवस्थित इस तीर्थ का वास्तविक चित्र उपलब्ध नहीं है । हमने काफी प्रयास किया किंतु अति दुर्गम क्षेत्र होने के कारण हम अब तक चित्र उपलब्ध नहीं कर पाये हैं । साथ दिया चित्र तीर्थ से कुछ दूर अवस्थित जंगल पर आधारित है । रक्शा डोंगरी अर्थात् राक्षसों […]

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