Friday, April 4, 2025

2-122 शिव मंदिर तोड़मा

तोड़मा के घनघोर जंगलों में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिंग आज भी विराजमान हैं । वनवास अवधि में दंडकारण्य भ्रमण के दौरान वे यहां आये थे ।

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2-123 शिव मंदिर चित्रकोट (इन्द्रावती) बस्तर (छःगढ)

इन्द्रावती नदी के बहुत ही मनमोहक जल प्रपात के पास एक गुफा में सीताजी तथा रामजी ने लीला की थी। श्रीराम ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता […]

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2-124 सीताकुंड बस्तर छत्तीसगढ़

सीता कुण्ड तीरथ गढ़ जगदलपुर से 25 कि.मी. दूर कांगेर नदी के किनारे श्री सीता राम जी की लीला तथा शिव पूजा की कथा प्रसिद्ध है। यहाँ माँ सीता जी ने स्नान किया था।

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2-125 कोटि महेश्वर, बस्तर छत्तीसगढ़

कोटुमसर कोटि महेश्वर का अपभ्रंश है कोटूमसर। जगदलपुर से 40 कि.मी. दूर दक्षिण दिशा में राष्ट्रीय उद्यान में एक अति सुन्दर गुफा है। यहाँ भगवान शिव जी के अनेकानेक लिंग प्रकृति ने निर्मित किये हैं। श्रीराम के वनवास काल में यहाँ आने की लोक कथा प्रचलित है।

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2-131 रामारम चिटमिट्टीन मंदिर सुकमा (शबरी) सुकमा दंतेवाड़ा छ गढ़

रामारम चिटमिट्टीन में श्रीराम ने भू देवी (धरती माँ) की पूजा की थी। पास ही एक पहाड़ी पर श्रीराम के पदचिह्न बनें हैं।

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2-132 शिव मंदिर इंजरम कोंटा छत्तीसगढ़

कोंटा नगर से 8 कि.मी. उत्तर में शबरी नदी के किनारे इंजरम गाँव के पास कुछ वर्षों से एक शिव मंदिर भूमि से स्वतः उभर रहा है। यहाँ श्रीराम ने शिव पूजा की थी।

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