2-122 शिव मंदिर तोड़मा
तोड़मा के घनघोर जंगलों में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिंग आज भी विराजमान हैं । वनवास अवधि में दंडकारण्य भ्रमण के दौरान वे यहां आये थे ।
Read moreतोड़मा के घनघोर जंगलों में भगवान राम द्वारा पूजित शिवलिंग आज भी विराजमान हैं । वनवास अवधि में दंडकारण्य भ्रमण के दौरान वे यहां आये थे ।
Read moreइन्द्रावती नदी के बहुत ही मनमोहक जल प्रपात के पास एक गुफा में सीताजी तथा रामजी ने लीला की थी। श्रीराम ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी।ग्रंथ उल्लेख व आगे का मार्गवा.रा. 3/7, 8 दोनों पूरे अध्याय 3/11/28 से 44 तक, मानस 3/9/1 से 3/11 दोहे तक। विशेष टिप्पणीः श्री रामचरित मानस के अनुसार श्रीसीता […]
Read moreसीता कुण्ड तीरथ गढ़ जगदलपुर से 25 कि.मी. दूर कांगेर नदी के किनारे श्री सीता राम जी की लीला तथा शिव पूजा की कथा प्रसिद्ध है। यहाँ माँ सीता जी ने स्नान किया था।
Read moreकोटुमसर कोटि महेश्वर का अपभ्रंश है कोटूमसर। जगदलपुर से 40 कि.मी. दूर दक्षिण दिशा में राष्ट्रीय उद्यान में एक अति सुन्दर गुफा है। यहाँ भगवान शिव जी के अनेकानेक लिंग प्रकृति ने निर्मित किये हैं। श्रीराम के वनवास काल में यहाँ आने की लोक कथा प्रचलित है।
Read moreरामारम चिटमिट्टीन में श्रीराम ने भू देवी (धरती माँ) की पूजा की थी। पास ही एक पहाड़ी पर श्रीराम के पदचिह्न बनें हैं।
Read moreकोंटा नगर से 8 कि.मी. उत्तर में शबरी नदी के किनारे इंजरम गाँव के पास कुछ वर्षों से एक शिव मंदिर भूमि से स्वतः उभर रहा है। यहाँ श्रीराम ने शिव पूजा की थी।
Read more