Thursday, April 3, 2025

2-29 चित्रकूट दर्शन खोह गांव चित्रकूट उत्तर प्रदेश

मानस के अनुसार भरत जी को कामदगिरि के दर्शन दो कोस पहले हुए थे। केवल खोह गाँव ही है जहाँ से दो कोस दूर से कामदगिरि के दर्शन होते हैं। श्रीराम का अनुगमन करते हुए भरत जी यहीं से गये थे। मानस 2/224/3, 4 2/236/1, 2, 3 नोट चित्रकूट दर्शन-रामघाट-कामदगिरि -रामशैया-भरतकूप-माण्डव्य आश्रम- गुप्तगोदावरी-अनुसूया-टाठीघाट- फटिकशिला-जानकीकुण्ड-चित्रकूट -हनुमानधारा-देवांगना-कोटितीर्थ-मार्कण्डेय […]

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2-30 कामद गिरि चित्रकूट उत्तर प्रदेश

भक्त कामदगिरि को श्रीराम का प्रत्यक्ष शरीर मानते हैं। श्रीराम यहाँ बहुत दिनों तक रहे थे। हजारांे श्रद्धालु नित्यप्रति इसकी परिक्रमा करते हैं। कुछ तो लेट कर परिक्रमा करते हैं। चित्रकूट में श्रीराम वनवास से संबंधित बहुत से स्थल आज भी पाये जाते हैं। जैसे श्रीराम-भरत मिलन मंदिर, रामघाट, सीता रसोई, रामशैया, मंदाकिनी नदी आदि। […]

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2-31 रामसैया चित्रकूट उत्तर प्रदेश

वनवास काल में चित्रकूट में श्री सीताराम जी अनेक स्थलों पर लीला करते थे तथा प्रकृति का आनन्द लेते हुए निकटवर्ती क्षेत्रों में विहार करते थे। इसी क्रम में कभी-कभी यहां रात्रि विश्राम करते थे। आज भी शिला पर श्री सीता राम जी के विश्राम के चिन्ह हैं। दोनों के बीच धनुष रखने का चिन्ह […]

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2-32 कोटितीर्थ चित्रकूट उत्तर प्रदेश

चित्रकूट साधकों की तप स्थली है। यहां कोटि मुनि तपस्यारत थे। वनवास काल में श्रीराम उनके दर्शनार्थ यहां आये थे। आज भी यहां अनेक संत तपस्यारत हैं। वा.रा. 2/116/1 से 26, मानस 2/134 दोहा, 2/307/2, 2/311/3, 2/312 दोहा।

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2-33 देवांगना चित्रकूट उत्तर प्रदेश

यहां इन्द्रपुत्र जयंत की पत्नी ने तपस्या की थी। वनवास काल में श्रीराम के दर्शनार्थ देव कन्याएँ यहां एकत्रित हुई थीं। आज भी यहां तपस्वी साधना करते हैं। वा.रा. 2/116/1 से 26, मानस 2/134 दोहा, 2/307/2, 2/311/3, 2/312 दोहा

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2-34 रामघाट चित्रकूट उत्तर प्रदेश

यह चित्रकूट का बहुत ही प्रसिद्ध स्थल है। पास ही यज्ञवेदी मंदिर है। कुछ विद्वानों का मत है कि, यही वह स्थान विशेष है जहां वनवास काल में श्री सीता राम जी रहते थे। यह भी विश्वास किया जाता है, हनुमान जी की कृपा से गोस्वामी तुलसीदास जी को यहां श्री राम लक्ष्मण जी के […]

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2-35 मांडव्य आश्रम मंडफा उत्तर प्रदेश

इसका वर्तमान नाम मंडफा है जो माण्डव्य का अपभ्र्रंश है। पहाड़ी का नाम भी मंडफा है। यहाँ भरत जी की बहुत मान्यता है।वा.रा. 2/116/1 से 26, मानस 2/134 दोहा 2/307/2 2/311/3 2/312 दोहा।

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2-36 भरत कूप, चित्रकूट उत्तर प्रदेश

भरतजी श्रीराम के राज्याभिषेक के लिए सभी तीर्थों का जल लाये थे। वह पवित्र जल अत्रि मुनि के परामर्श से भरतकूप में स्थापित किया था। भरतकूप कर्वी से 18 कि.मी. है। मानस 2/307/2, 4 2/309 दोहा से 2/310 दोहा तक, मानस 2/311/1, 2, 3,  2/312 दोहा।

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2-39 टाठी घाट चित्रकूट उत्तर प्रदेश

टाठी घाट चित्रकूट बुंदेलखंडी में टाठी का अर्थ है थाली अर्थात् गोल। यहाँ माँ मन्दाकिनी गोल आकार लेती हैं इसलिए नाम टाठीघाट है। यहाँ जंगल में विचित्र सिद्ध संतों के दर्शन होते हैं। चित्रकूट से अत्रि आश्रम के लिए मंदाकिनी के किनारे-किनारे एक पुराना मार्ग अब भी है।  वा.रा. 2/117/1 से 8 तथा 20, मानस […]

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2-41 अमरावती आश्रम जमुनिहाई चित्रकूट

अत्रि आश्रम से 6-7 कि.मी. दूर जंगल में एक रमणीक स्थान अमरावती है। अमरावती श्रीराम के पूर्वज राजा अम्बरीश की तपस्थली है। श्रीराम ने यहाँ विश्राम किया था। इससे थोड़ी दूरी पर विराध ने श्रीराम पर आक्रमण किया था। वा.रा. 3/1, पूरे अध्याय, मानस 3/6/2 मार्गः- यहाँ से जंगल का मार्ग है। यहाँ मार्गदर्शक अनिवार्य […]

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